ग़ज़ल
चमत्कार
पेट-पेट में आग लगी है, घर-घर में है फाकायह भी भारी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
सूखी आँतों की ऐंठन का, हमने सुना धमाकायह भी भारी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
महज विधानसभा तक सीमित है, जनतंत्री ख़ाकायह भी भारी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
तीन रात में तेरह जगहों पर, पड़ता है डाकायह भी भरी चमत्कार है, काँग्रेसी महिमा का
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