ग़ज़ल

दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है

मिर्ज़ा ग़ालिब · सब कलाम देखें
दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या हैआख़िर इस दर्द की दवा क्या है
हम हैं मुश्ताक़ और वो बेज़ारया इलाही ये माजरा क्या है
मैं भी मुँह में ज़बाँ रखता हूँकाश पूछो कि मुद्दआ क्या है
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh
Rekhta से पुष्टि