ग़ज़ल

बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल

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बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगेहोता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे
एक खेल है औरंग-ए-सुलेमाँ मेरे नज़दीकएक बात है एजाज़-ए-मसीहा मेरे आगे
जुज़ नाम नहीं सूरत-ए-आलम मुझे मंज़ूरजुज़ वहम नहीं हस्ती-ए-अशया मेरे आगे
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Rekhta: पाठांतर (variant reading)