ग़ज़ल पीनस में गुज़रते हैं जो कूचे से वह मेरे मिर्ज़ा ग़ालिब · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन पीनस में गुज़रते हैं जो कूचे से वह मेरेकंधा भी कहारों को बदलने नहीं देते पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh