ग़ज़ल

बाद मरने के मेरे घर से यह सामाँ निकला

मिर्ज़ा ग़ालिब · सब कलाम देखें
बूए-गुल, नाला-ए-दिल, दूदे चिराग़े महफ़िलजो तेरी बज़्म से निकला सो परीशाँ निकला।
चन्द तसवीरें-बुताँ चन्द हसीनों के ख़ुतूत,बाद मरने के मेरे घर से यह सामाँ निकला।
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