ग़ज़ल अज़ मेहर ता-ब-ज़र्रा दिल-ओ-दिल है आइना मिर्ज़ा ग़ालिब · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन अज़ मेहर ता-ब-ज़र्रा दिल-ओ-दिल है आइनातूती को शश जिहत से मुक़ाबिल है आइना पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh