ग़ज़ल

कान्हो काहेकूं मारो मोकूं कांकरी

मीराबाई · सब कलाम देखें
कान्हो काहेकूं मारो मोकूं कांकरी। कांकरी कांकरी कांकरीरे॥ध्रु०॥गायो भेसो तेरे अवि होई है। आगे रही घर बाकरीरे॥ कानो॥१॥पाट पितांबर काना अबही पेहरत है। आगे न रही कारी घाबरीरे॥ का०॥२॥मेडी मेहेलात तेरे अबी होई है। आगे न रही वर छापरीरे॥ का०॥३॥मीरा कहे प्रभु गिरिधर नागर। शरणे राखो तो करूं चाकरीरे॥ कान०॥४॥
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