ग़ज़ल
आओ मनमोहना जी जोऊं थांरी बाट
राग टोडी
आओ मनमोहना जी जोऊं थांरी बाट।खान पान मोहि नैक न भावै नैणन लगे कपाट॥
तुम आयां बिन सुख नहिं मेरे दिल में बहोत उचाट।मीरा कहै मैं बई रावरी, छांड़ो नाहिं निराट॥
शब्दार्थ :- जोऊं थारी बाट = तेरी राह देखती हूं। आयां बिनि =बिना आये।उचाट =बेचैनी। निराट = असहाय।
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