ग़ज़ल

आज मारे साधुजननो संगरे राणा

मीराबाई · सब कलाम देखें
आज मारे साधुजननो संगरे राणा। मारा भाग्ये मळ्यो॥ध्रु०॥साधुजननो संग जो करीये पियाजी चडे चोगणो रंग रे॥१॥सीकुटीजननो संग न करीये पियाजी पाडे भजनमां भंगरे॥२॥अडसट तीर्थ संतोनें चरणें पियाजी कोटी काशी ने कोटी गंगरे॥३॥निंदा करसे ते तो नर्क कुंडमां जासे पियाजी थशे आंधळा अपंगरे॥४॥मीरा कहे गिरिधरना गुन गावे पियाजी संतोनी रजमां शीर संगरे॥५॥
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