ग़ज़ल
किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवाला
किन्ने देखा कन्हया प्यारा की मुरलीवाला॥ध्रु०॥जमुनाके नीर गंवा चरावे। खांदे कंबरिया काला॥१॥मोर मुकुट पितांबर शोभे। कुंडल झळकत हीरा॥२॥मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरन कमल बलहारा॥३॥
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