ग़ज़ल
अब तो मेरा राम
अब तो मेरा राम नाम दूसरा न कोई॥माता छोडी पिता छोडे छोडे सगा भाई।साधु संग बैठ बैठ लोक लाज खोई॥सतं देख दौड आई, जगत देख रोई।प्रेम आंसु डार डार, अमर बेल बोई॥मारग में तारग मिले, संत राम दोई।संत सदा शीश राखूं, राम हृदय होई॥अंत में से तंत काढयो, पीछे रही सोई।राणे भेज्या विष का प्याला, पीवत मस्त होई॥अब तो बात फैल गई, जानै सब कोई।दास मीरा लाल गिरधर, होनी हो सो होई॥
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