ग़ज़ल

रावरे नेह को लाज तजी अरु

मतिराम · सब कलाम देखें
रावरे नेह को लाज तजी अरु, गेह के काम सबै बिसरायो।डारि दयो गुरु लोगन कौ डर, गाँव-चवाईं में नाम धरायो।।हेतु कियो हम जेतो कहा, तुम तौ 'मतिराम' सब बिसरायो।को‍उ कितेक उपाय करौ, कहुँ होत है आपनो पीउ परायो।।
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh