ग़ज़ल नर हो, न निराश करो मन को मैथिलीशरण गुप्त · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन नर हो, न निराश करो मन कोकुछ काम करो, कुछ काम करोजग में रह कर कुछ नाम करो पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh