ग़ज़ल
भारतवर्ष
जै जै प्यारे देश हमारे, तीन लोक में सबसे न्यारे ।हिमगिरी-मुकुट मनोहर धारे, जै जै सुभग सुवेश ।। जै जै भारत देश ।।१।।
हम बुलबुल तू गुल है प्यारा, तू सुम्बुल, तू देश हमारा ।हमने तन-मन तुझ पर वारा, तेजः पुंज-विशेष ।। जै जै भारत देश ।।२।।
तुझ पर हम निसार हो जावें, तेरी रज हम शीश चढ़ावें ।जगत पिता से यही मनावें, होवे तू देशेश ।। जै जै भारत देश ।।३।।
जै जै हे देशों के स्वामी, नामवरों में भी हे नामी ।हे प्रणम्य तुझको प्रणमामी, जीते रहो हमेश ।। जै जै भारत देश ।।४।।
आँख अगर कोई दिखलावे, उसका दर्प दलन हो जावे ।फल अपने कर्मों का पावे, बने नाम निःशेष ।। जै जै भारत देश ।।५।।
बल दो हमें ऐक्य सिखलाओ, सँभलो देश होश में आवो ।मातृभूमि-सौभाग्य बढ़ाओ, मेटो सकल कलेश ।। जै जै भारत देश ।।६।।
हिन्दू मुसलमान ईसाई, यश गावें सब भाई-भाई ।सब के सब तेरे शैदाई, फूलो-फलो स्वदेश ।। जै जै भारत देश ।।७।।
इष्टदेव आधार हमारे, तुम्हीं गले के हार हमारे ।भुक्ति-मुक्ति के द्वार हमारे, जै जै जै जै देश ।। जै जै भारत देश ।।८।।
स्रोत-सत्यापन प्रतीक्षित — This text is pending verification against an authoritative source and may contain errors.