ग़ज़ल दूसरा बनबास कैफ़ी आज़मी · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन राम बन-बास से जब लौट के घर में आएयाद जंगल बहुत आया जो नगर में आएरक़्स-ए-दीवानगी आँगन में जो देखा होगा पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh