ग़ज़ल दो दीवाने शहर में गुलज़ार · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन दो दीवाने शहर में, रात में या दोपहर मेंआब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैंइन भूलभुलैयों में, इन गोल दायरों मेंख़ुद को कहाँ ढूँढें, सब भीड़ में गुम हैंआब-ओ-दाना ढूँढते हैं, एक आशियाना ढूँढते हैं