ग़ज़ल

तोते उड़ गए

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दिल मियाँ मिट्ठू थेमर्ज़ी के पिट्ठू थेहो दिल मियाँ मिट्ठू थेअरे मर्ज़ी के पिट्ठू थेवो मेरी कहाँ सुनते थेअरे अपनी ही धुन पे थेदिल मियाँ मिट्ठू थे
मियाँ जी बच बच के चलनादुनिया है हरजाईहरी हरी जो लागेघास खड़ी है काईअरे काई पे फिसले जो सुर्र करकेफुर्र करके तोते उड़ गएफुर्र फुर्र करके तोते उड़ गए
इश्क में यूँ फिसले मियाँहाथों के तोते उड़ गएतोते उड़ गएफुर्र करके तोते उड़ गएफुर्र फुर्र करके तोते उड़ गए
दिल मियाँ मिट्ठू थेमर्ज़ी के पिट्ठू थेअकड़े तो तगड़े सेऔर पकडे तो मकड़े सेदिल मियाँ मिट्ठू थे मिट्ठू मियाँमियाँ जी मुड़ मुड़ के न देखोमुड़ मुड़ न देखो मियाँ जीअजी नज़रों में कोई नहीं हैनज़र लगाईं थी अंखियाँ हाँसालों से सोई नहीं हैंसपने से धंसने पे सुर्र
तोते! फुर्र करके तोते उड़ गएओ पतली गली में फिसले मियाँहाथो के तोते उड़ गए
मेरे नग मुंदरी विच पा देते पावे मेरी जिंद कड लैके पावे मेरी जिंद कड लैअक्खी रात मैं गई तबेलेमाझी मिल जावे.मुक जान झमेलेमाझी मिल जावे...मुक जान झमेलेमेरी सेज ते अकल बिछा देते पावे मेरी जिंद कड लैके पावे मेरी जिंद कड लै
फुर्र करके तोते उड़ गएफुर्र फुर्र करके तोते उड़ गएफुर्र करके तोते उड़ गएफुर्र फुर्र करके तोते उड़ गए
फिल्म - एक थी डायन(2013)
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