ग़ज़ल

साईं सुआ प्रवीन गति

गिरिधर कविराय · सब कलाम देखें
साईं सुआ प्रवीन गति वाणी वदन विचित्तरूपवंत गुण आगरो राम नाम सों चित्त
राम नाम सों चित्त और देवन अनुरागयोजहां जहां तुव गयो तहां तहां नीको लागयो
कह गिरिधर कविराय सुआ चूकयो चतुराईवृथा कियो विश्वास सेय सेमर को साईं
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