ग़ज़ल
सोना लादन पिय गए
सोना लादन पिय गए, सूना करि गए देस।सोना मिले न पिय मिले, रूपा ह्वै गए केस॥
रूपा ह्वै गए केस, रोर रंग रूप गंवावा।सेजन को बिसराम, पिया बिन कबहुं न पावा॥
कह 'गिरिधर कविराय लोन बिन सबै अलोना।बहुरि पिया घर आव, कहा करिहौ लै सोना॥
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