ग़ज़ल
साईं बेटा बाप के
साईं बेटा बाप के बिगरे भयो अकाजहरनाकुस अरु कंस को गयो दुहुन को राज
गयो दुहुन को राज बाप बेटा के बिगरेदुसमन दावागीर भए महिमंडल सिगरे
कह गिरिधर कविराय जुगन याही चलि आईपिता पुत्र के बैर नफा कहु कौने पाई
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