नज़्म

बोल कि लब आज़ाद हैं तेरे

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ · सब कलाम देखें
बोल कि लब आज़ाद हैं तेरेबोल ज़बाँ अब तक तेरी हैतेरा सुतवाँ जिस्म है तेराबोल कि जाँ अब तक तेरी है
बोल कि सच ज़िंदा है अब तकबोल जो कुछ कहना है कह ले
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