ग़ज़ल
इज्ज़े अहले-सितम
इज्ज़े अहले-सितम की बात करोइश्क़ के दम-क़दम की बात करो
बज़्मे-अहले-तरब से शरमाओबज़्मे-असहाबे-ग़म की बात करो
बज़्मे-सरवत के खुशनसीबों सेअज़्मते-चश्मे-नम की बात करो
है वही बात यूं भी और यूं भीतुम सितम या करम की बात करो
ख़ैर, हैं अहले-दैर जैसे हैंआप अहले-हरम की बात करो
हिज़्र की शब तो कट ही जायेगीरोज़े-वस्ले-सनम की बात करो
जान जायेंगे जानने वालेफ़ैज़ फ़रहादो-जम की बात करो
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