ग़ज़ल
असंकलित ग़ज़लें
**** नकिसी पे ज़ख़्म अयाँ कोई / फ़ैज़ अहमद फ़ैज़* चाँद निकले किसी जानिब तेरी ज़ेबाई का / फ़ैज़ अहमद फ़ैज़** कहीं तो कारवाने-दर्द की मंज़िल ठहर जाए / फ़ैज़ अहमद फ़ैज़**** हवसे-मंज़िले-लैला न तुझे है न मुझे / फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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