ग़ज़ल
फिरे राह से वो यहां आते आते
फिरे राह से वो यहाँ आते आतेअजल मेरी रही तू कहाँ आते आते
मुझे याद करने से ये मुद्दा थानिकल जाए दम हिचकियां आते आते
कलेजा मेरे मुंह को आएगा इक दिनयूं ही लब पे आह-ओ-फ़ुगां आते आते
नतीजा न निकला थके सब पयामीवहाँ जाते जाते यहाँ आते आते
नहीं खेल ऐ 'दाग़' यारों से कह दोकि आती है उर्दू ज़ुबां आते आते
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh