ग़ज़ल

राखी हिन्दुवानी हिन्दुवान को तिलक राख्यौ

भूषण · सब कलाम देखें
राखी हिन्दुवानी हिन्दुवान को तिलक राख्यौअस्मृति पुरान राखे वेद धुन सुनी मैंराखी रजपूती राजधानी राखी राजन कीधरा मे धरम राख्यौ ज्ञान गुन गुनी मैंभूषन सुकवि जीति हद्द मरहट्टन कीदेस देस कीरत बखानी सब सुनी मैंसाहि के सपूत सिवराज शमशीर तेरीदिल्ली दल दाबि के दिवाल राखी दुनी मैं
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