ग़ज़ल

सबन के ऊपर ही ठाढ़ो रहिबे के जोग

भूषण · सब कलाम देखें
सबन के ऊपर ही ठाढ़ो रहिबे के जोग,ताहि खरो कियो जाय जारन के नियरे .जानि गैर मिसिल गुसीले गुसा धारि उर,कीन्हों न सलाम, न बचन बोलर सियरे.भूषण भनत महाबीर बलकन लाग्यौ,सारी पात साही के उड़ाय गए जियरे .तमक तें लाल मुख सिवा को निरखि भयो,स्याम मुख नौरंग, सिपाह मुख पियरे.
पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh