ग़ज़ल

साजि चतुरंग सैन अंग में उमंग धार

भूषण · सब कलाम देखें
साजि चतुरंग सैन अंग में उमंग धरिसरजा सिवाजी जंग जीतन चलत हैभूषण भनत नाद बिहद नगारन केनदी-नद मद गैबरन के रलत हैऐल-फैल खैल-भैल खलक में गैल गैलगजन की ठैल –पैल सैल उसलत हैतारा सो तरनि धूरि-धारा में लगत जिमिथारा पर पारा पारावार यों हलत है
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