ग़ज़ल
ब्रह्म के आनन तें निकसे
ब्रह्म के आनन तें निकसे अत्यंत पुनीत तिहूँ पुर मानी .राम युधिष्ठिर के बरने बलमीकहु व्यास के अंग सोहानी.भूषण यों कलि के कविराजन राजन के गुन गाय नसानी.पुन्य चरित्र सिवा सरजे सर न्हाय पवित्र भई पुनि बानी .
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