ग़ज़ल दश्त पैमाई का गर कस्द मुकर्रर होगा भारतेंदु हरिश्चंद्र · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन दश्त पैमाई का गर कस्द मुकर्रर होगा।हर सरे खार पए आबिला नश्तर होगा॥ पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh