ग़ज़ल

गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में

भारतेंदु हरिश्चंद्र · सब कलाम देखें
गले मुझको लगा लो ऐ दिलदार होली मेंबुझे दिल की लगी भी तो ऐ यार होली में
नहीं ये है गुलाले-सुर्ख उड़ता हर जगह प्यारेये आशिक की है उमड़ी आहें आतिशबार होली में
गुलाबी गाल पर कुछ रंग मुझको भी जमाने दोमनाने दो मुझे भी जानेमन त्योहार होली में
है रंगत जाफ़रानी रुख अबीरी कुमकुम कुछ हैबने हो ख़ुद ही होली तुम ऐ दिलदार होली में
रस गर जामे-मय गैरों को देते हो तो मुझको भीनशीली आँख दिखाकर करो सरशार होली में
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