ग़ज़ल असिधारा पथ बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन ओ असिधारा-पथ के गामी!विकट सुभट तुम, अथक पथिक तुम कंटक-कीर्णित मग-अनुगामीओ असिधारा-पथ के गामी! स्रोत-सत्यापन प्रतीक्षित — This text is pending verification against an authoritative source and may contain errors.