ग़ज़ल ख़ुदी में डूबने वालों अल्लामा इक़बाल · सब कलाम देखें हिन्दी रोमन जहाने-ताज़ा की अफ़कारे-ताज़ा से है नमूदकि संगो-ख़िश्त से होते नहीं जहाँ पैदाख़ुदी में डूबने वालों के अज़्मो-हिम्मत नेइस आबे-जूसे किए बह्रे-बेकराँपैदा पाठ सत्यापित · Text verified against Kavita Kosh