ग़ज़ल

ख़ुदी में डूबने वालों

अल्लामा इक़बाल · सब कलाम देखें
जहाने-ताज़ा की अफ़कारे-ताज़ा से है नमूदकि संगो-ख़िश्त से होते नहीं जहाँ पैदा
ख़ुदी में डूबने वालों के अज़्मो-हिम्मत नेइस आबे-जूसे किए बह्रे-बेकराँपैदा
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