ग़ज़ल

उसने कहा सुन

अहमद फ़राज़ · सब कलाम देखें
उसने कहा सुनअहद निभाने की ख़ातिर मत आनाअहद निभानेवाले अक्सर मजबूरी यामहजूरी की थकन से लौटा करते हैंतुम जाओ और दरिया-दरिया प्यास बुझाओजिन आँखों में डूबोजिस दिल में भी उतरोमेरी तलब आवाज़ न देगीलेकिन जब मेरी चाहत और मेरी ख़्वाहिश की लौइतनी तेज़ और इतनी ऊँची हो जायेजब दिल रो देतब लौट आना
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